
जोधपुर, 9 अगस्त – हाल के स्वास्थ्य अध्ययनों और चिकित्सकों की चेतावनियों के अनुसार, अधपका भोजन और बाजार में मिलने वाला प्रोसेस्ड व मिलावटी खाना कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
अधपके भोजन का खतरा
अधपका भोजन—विशेषकर मांस, अंडा, और दाल—में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और परजीवी शरीर में प्रवेश कर पाचन तंत्र को प्रभावित करते हैं। अधपकाई के कारण सैल्मोनेला और ई.कोलाई जैसे बैक्टीरिया नष्ट नहीं होते, जो समय के साथ पेट, आंत और लिवर की बीमारियों को जन्म दे सकते हैं। लगातार ऐसे भोजन का सेवन कैंसर के जोखिम को भी बढ़ा देता है।
बाजार के खाने की सच्चाई
बाजार में मिलने वाले फास्ट फूड, पैकेटबंद स्नैक्स और मिठाइयों में अक्सर मिलावटी तेल, कृत्रिम रंग और प्रिज़र्वेटिव का इस्तेमाल होता है। इन रसायनों में से कई को कार्सिनोजेनिक (कैंसर पैदा करने वाला) माना गया है। खुले में रखा खाना धूल, धुएं और प्रदूषण से दूषित हो जाता है, जो शरीर में फ्री रैडिकल्स बनाकर कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं।
विशेषज्ञों की राय
जोधपुर के वरिष्ठ ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. विनोद शर्मा बताते हैं,
“कैंसर केवल अनुवांशिक कारणों से नहीं होता। हमारा खानपान और जीवनशैली भी इसके बड़े कारक हैं। अधपका या दूषित खाना शरीर में लंबे समय तक सूजन पैदा करता है, जो कैंसर की शुरुआत का कारण बन सकता है।”
क्या करें बचाव के लिए?
- खाना हमेशा पूरी तरह पकाकर खाएं, खासकर मांसाहारी पदार्थ।
- बाजार के तैलीय, रंगीन और पैकेटबंद खाने से परहेज करें।
- ताजा, घर का बना और मौसमी भोजन अपनाएं।
- भोजन बनाते समय साफ बर्तन और शुद्ध पानी का प्रयोग करें।
- हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और पर्याप्त पानी का सेवन बढ़ाएं।
निष्कर्ष
हमारा भोजन ही हमारी सेहत की नींव है। थोड़ी सावधानी और सही खानपान अपनाकर न केवल कैंसर बल्कि कई गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है।